सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड से सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल-जल योजना’ में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। नौहट्टा प्रखंड के मुरादपुर पंचायत के वार्ड नंबर 11C में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, पंचायत में कुल 19 पानी की टंकियां स्थापित की गई थीं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनमें से केवल एक टंकी ही किसी तरह चालू हालत में है, वह भी बदहाल स्थिति में संचालित हो रही है। बाकी टंकियां या तो बंद पड़ी हैं या पूरी तरह खराब हो चुकी हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि जो एक टंकी चालू है, उससे जुड़ी केमिकल मशीन को मुंशी द्वारा हटाकर ले जाया गया है, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया। इसके अलावा कई जगहों पर बोरिंग पाइप टूटे हुए पड़े हैं, लेकिन उनकी मरम्मत की दिशा में कोई पहल नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने टोल-फ्री नंबर पर कई बार शिकायत दर्ज कराई है और संबंधित कनीय अभियंता (JE) को भी फोन पर सूचना दी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं, पंप चालक ने भी अपनी परेशानी जाहिर करते हुए बताया कि ठेकेदार द्वारा पिछले छह वर्षों से उनका वेतन नहीं दिया गया है, जिससे उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार के निर्देश पर मुंशी मरम्मत के नाम पर आते हैं, सामान ले जाते हैं और फिर वापस लौटकर काम नहीं करते।
लगातार बढ़ते पेयजल संकट से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब लोगों का सीधा सवाल है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा और मुरादपुर पंचायत के लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा कब तक मिल पाएगी।
