सहरसा जिले में चलाए जा रहे “नशा/सूखा नशामुक्ति और शराबबंदी अभियान” को सफल बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। इसी कड़ी में बनमा इटहरी थाना अध्यक्ष की पहल पर ग्राम पंचायत पसराहा में जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के कुप्रभाव और इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना था।
जनसंवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। इस दौरान थाना अध्यक्ष ने उपस्थित लोगों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार की खुशियों और समाज की शांति को भी प्रभावित करता है।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि नशे से दूर रहना ही एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज की पहचान है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे स्वयं नशा से दूर रहें और अपने परिवार, दोस्तों तथा समाज के अन्य लोगों को भी नशा से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित किया गया और उनकी समस्याओं को भी ध्यानपूर्वक सुना गया। थाना अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन हमेशा आम जनता की सुरक्षा और सहायता के लिए तत्पर है। साथ ही ग्रामीणों से कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील भी की गई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा चलाए जा रहे शराबबंदी और नशामुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। जब तक आम लोग इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग नहीं करेंगे, तब तक पूरी तरह से नशामुक्त समाज का निर्माण संभव नहीं है।
इस जनसंवाद कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने भी नशा मुक्त समाज बनाने के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग करने का संकल्प लिया।
