भागलपुर में आयोजित तीन दिवसीय विक्रमशिला महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। गीत, संगीत और नृत्य से सजे कार्यक्रमों ने पूरे महोत्सव में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और देर रात तक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे। हर प्रस्तुति के बाद दर्शकों की तालियों की गूंज से पूरा पंडाल गूंज उठा।

 

कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय एबी डांस ग्रुप की ओर से भगवान गणेश की वंदना पर आधारित आकर्षक नृत्य प्रस्तुति से हुई। “गणपति बाप्पा मोरया” गीत पर कलाकारों ने बेहद ऊर्जावान और मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। नृत्य के दौरान कलाकारों का तालमेल, भाव-भंगिमा और मंच पर उनकी ऊर्जा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत ही इतनी भव्य रही कि दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

 

इसके बाद दिव्या एंड ग्रुप ने स्वागत गीत “सांसों की सरगम गाए, सुर स्वागत” की मधुर प्रस्तुति दी। इस गीत ने पूरे माहौल को भक्ति और उल्लास से भर दिया। मंच से गूंजती मधुर धुनों और सुरों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

 

कार्यक्रम के दौरान कई अन्य स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक दलों ने भी अपनी-अपनी प्रस्तुतियां दीं। लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और आधुनिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हर प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना की।

 

विक्रमशिला महोत्सव का यह सांस्कृतिक आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को भी दर्शाने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। इस आयोजन के जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का अवसर मिला, जिससे कलाकारों में खासा उत्साह देखने को मिला।

 

आयोजकों ने बताया कि महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों में भी कई नामी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में भी दर्शकों को गीत, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का बेहतरीन अनुभव देखने को मिलेगा।

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