आज जिले में डीआईजी कोसी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एसडीपीओ, सर्किल इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी और अन्य संबंधित पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी की समीक्षा करना था।
बैठक की शुरुआत में जिले में हाल के दिनों में घटित प्रमुख आपराधिक घटनाओं का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके बाद वर्ष के लंबित कांडों की प्रगति, अनुसंधान की गुणवत्ता और संवेदनशील मामलों में हो रही कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा की गई। डीआईजी कोसी ने इस दौरान स्पष्ट किया कि लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन और फरार अभियुक्तों की त्वरित गिरफ्तारी पुलिस व्यवस्था की साख और आमजन में सुरक्षा की भावना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बैठक में विशेष रूप से कांडों के अनुसंधान की गति बढ़ाने, साक्ष्य संकलन को मजबूत करने और मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए प्रभावी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। डीआईजी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखें और अपराध की रोकथाम के लिए सक्रिय एवं परिणामोन्मुखी कदम उठाएं।
डीआईजी कोसी ने कहा कि केवल FIR दर्ज करने तक सीमित नहीं रहकर, अपराधियों की पकड़, जांच की गुणवत्ता और न्यायिक प्रक्रिया को त्वरित बनाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध नियंत्रण में तकनीकी साधनों और पुलिस विभाग के आधुनिक अनुसंधान उपकरणों का अधिकतम उपयोग किया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी थाना स्तर पर नियमित समीक्षा और मोनिटरिंग के माध्यम से लंबित मामलों का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बनाए रखें ताकि आमजन में सुरक्षा की भावना और विश्वास मजबूत बने।
अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक के माध्यम से जिले में अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रशासन ने ठोस दिशा-निर्देश जारी किए। इससे स्पष्ट संदेश गया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
