पटना: बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा द्वारा निशांत कुमार के पार्टी में शामिल होने की घोषणा के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता तेजी से बढ़ गई है। शनिवार को पटना में निशांत कुमार ने पार्टी नेताओं और विधायकों के साथ दो अहम बैठकों में हिस्सा लिया, जहां संगठन की स्थिति, विभिन्न क्षेत्रों की राजनीतिक रिपोर्ट और आगामी राजनीतिक यात्राओं को लेकर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान निशांत कुमार ने नेताओं से उनके विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति और संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने अपनी संभावित राजनीतिक यात्रा को लेकर भी रणनीति बनाई। बताया जा रहा है कि निशांत जल्द ही बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे।
इस बीच जदयू के वरिष्ठ नेता और हरनौत से विधायक हरिनारायण सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि निशांत कुमार बहुत जल्द जदयू विधायक दल के नेता और बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री बन सकते हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नई सरकार में जदयू की ओर से केवल एक ही डिप्टी सीएम हो सकता है और वह निशांत कुमार होंगे। पार्टी नेताओं का मानना है कि दो डिप्टी सीएम होने से सत्ता में दो पावर सेंटर बनने की आशंका रहती है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
वहीं, 50 वर्षीय निशांत कुमार रविवार को औपचारिक रूप से जदयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस कार्यक्रम को पार्टी ने विशेष रूप से “नीतीश कुमार के महिला वोट बैंक के सम्मान” के रूप में तैयार किया है। सदस्यता लेने से पहले निशांत कुमार पटना के महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और उसके बाद जदयू कार्यालय पहुंचकर पार्टी में शामिल होंगे।
जानकारी के अनुसार निशांत कुमार अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत चंपारण से करेंगे। यह वही स्थान है जहां से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी कई महत्वपूर्ण यात्राएं शुरू करते रहे हैं।
शनिवार को हुई बैठक में जदयू के विधायक, जिला अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सफेद कुर्ता-पायजामा पहने निशांत कुमार सभी नेताओं से मिलते और उनका अभिवादन करते नजर आए। हालांकि इसे अनौपचारिक बैठक बताया गया, लेकिन पार्टी के अंदर उन्हें नीतीश कुमार के राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित करने की चर्चा तेज है।
इधर पटना में जदयू कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए पोस्टरों और बैनरों में भी इसी संदेश को प्रमुखता दी जा रही है। कई पोस्टरों में निशांत कुमार को “नीतीश कुमार की सामाजिक न्याय और विकास की राजनीतिक विरासत का वारिस” बताया गया है, जबकि कुछ में लिखा है— “निशांत के साथ, विकास का नया शंखनाद।”
