बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सबसे ऐतिहासिक और स्वर्णिम निर्णय है। उन्होंने कहा कि समाज के हित में लिया गया यह फैसला आज भी बिहार को एक नई दिशा दे रहा है।

 

सम्राट चौधरी ने कहा कि शराबबंदी लागू करने के कारण बिहार सरकार को हर साल करीब 28 से 30 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसके बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समाजहित को प्राथमिकता देते हुए इस कानून को लागू किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी लागू होने के बाद राज्य में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। परिवारों में शांति और सामाजिक वातावरण में सुधार हुआ है। खासकर महिलाओं और बच्चों के जीवन पर इसका अच्छा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर घरेलू हिंसा और सामाजिक विवादों में भी कमी देखने को मिली है।

 

सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने हमेशा समाज सुधार और जनहित को ध्यान में रखकर फैसले लिए हैं। शराबबंदी भी उसी सोच का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले को लेकर कई तरह की चुनौतियां भी सामने आईं, लेकिन सरकार अपने फैसले पर मजबूती से कायम रही।

 

इसके साथ ही सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार का महानायक बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन के लगभग 50 साल बिहार की सेवा में समर्पित किए हैं। उनके योगदान को राज्य की जनता कभी नहीं भूल सकती।

 

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार के नेता थे, हैं और आगे भी रहेंगे। भले ही उनकी भूमिका में बदलाव हो, लेकिन उनका मार्गदर्शन राज्य के विकास में लगातार मिलता रहेगा।

 

उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सपना बिहार में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। सरकार इसी दिशा में तेजी से काम कर रही है, ताकि राज्य का विकास और तेज गति से आगे बढ़ सके।

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