राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव शनिवार को रूटीन स्वास्थ्य जांच के बाद दिल्ली से पटना लौट आए। उनके साथ बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी मौजूद रहीं। लालू यादव पिछले करीब दस दिनों से दिल्ली में थे, जहां उनका नियमित हेल्थ चेकअप कराया गया। पटना एयरपोर्ट पहुंचने के बाद राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया, जिसने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर कहा कि उन्हें जबरदस्ती हटाया जा रहा है और उन्हें बिहार छोड़कर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर ही बने रहना चाहिए। राबड़ी देवी का यह बयान इसलिए भी काफी चर्चा में है क्योंकि कुछ ही दिन पहले विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने नीतीश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की थी। उस समय उन्होंने मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा था कि उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।
अब उसी नेता की ओर से मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने की सलाह दिए जाने के बाद बिहार की राजनीति में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे बदलते राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।
इस बीच बिहार में सोशल मीडिया पर भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे को लेकर दुख प्रकट कर रहे हैं। दरअसल, नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन से पहले अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राज्यसभा जाने की इच्छा जताई थी।
अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पिछले दो दशकों से बिहार की जनता ने उन पर भरोसा जताया है और उसी विश्वास के बल पर उन्होंने राज्य की सेवा की है। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वे संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें।
नीतीश कुमार ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनका जनता के साथ रिश्ता आगे भी बना रहेगा और जो भी नई सरकार बनेगी उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा। फिलहाल उनके इस फैसले और राबड़ी देवी के बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सबकी नजर आने वाले दिनों के राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई है।
