बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर और अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने विवाह को लेकर मीडिया के सामने पहली बार खुलकर बात की। लंबे समय से उनके शादी को लेकर अटकलें लगती रही हैं और उनके अनुयायियों में उत्सुकता बनी हुई थी। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने साफ किया कि उनकी शादी जल्द ही होने वाली है और इसके लिए सभी तैयारियां चल रही हैं।
उन्होंने बताया कि उनके विवाह का फैसला व्यक्तिगत इच्छा पर आधारित नहीं है, बल्कि गुरुजी की आज्ञा और मां की पसंद पर होगा। पंडित शास्त्री ने कहा कि गुरुजी की अनुमति मिलने के बाद उन्होंने अपनी मां से कह दिया है कि लड़की को देख लें। इस तरह, दांपत्य जीवन का अंतिम निर्णय पूरी तरह गुरुआज्ञा और मातृविवेक के आधार पर होगा।
विवाह से पहले पंडित धीरेंद्र शास्त्री ब्रदीनाथ में कठोर साधना और तपस्या करेंगे। उन्होंने मीडिया को बताया कि वे कुल 21 दिन तक साधना करेंगे, जिसमें 5 दिन की कठोर तपस्या भी शामिल है। यह साधना उनके जीवन और भावी दांपत्य जीवन के लिए आध्यात्मिक तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है।
खजुराहो में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पंडित शास्त्री ने कहा कि शादी का मामला केवल निजी नहीं है, बल्कि धार्मिक दृष्टिकोण और गुरु-आज्ञा पर आधारित है। उन्होंने यह भी बताया कि विवाह की खुशी जल्द ही भक्तों और अनुयायियों के साथ साझा की जाएगी।
स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय अनुयायियों में उनके विवाह को लेकर उत्सुकता पहले से अधिक थी। अब पंडित धीरेंद्र शास्त्री की इस घोषणा के बाद यह उत्सुकता और बढ़ गई है कि शादी का समारोह कब और कैसे होगा।
भक्तों और अनुयायियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के नई अध्याय और भावी दांपत्य जीवन की प्रतीक्षा अब जल्द पूरी होने वाली है, जिससे उनके अनुयायियों में उत्साह और उत्सुकता चरम पर है।
