सारण जिले के मांझी प्रखंड अंतर्गत चकिया गांव निवासी 35 वर्षीय प्रकाश यादव का जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। वे भारतीय सेना में एनएसजी कमांडो के पद पर तैनात थे। उनके असामयिक निधन की खबर मिलते ही गांव चकिया सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में तैनाती के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे ड्यूटी करते समय ही गिर पड़े। साथी जवानों ने तुरंत उन्हें नजदीकी सैन्य अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। हालांकि इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। फिलहाल उनकी मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
जैसे ही यह दुखद समाचार उनके पैतृक गांव चकिया पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीण बड़ी संख्या में शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंच रहे हैं। गांव के लोगों ने बताया कि प्रकाश यादव बचपन से ही अनुशासित और देशसेवा के प्रति समर्पित थे। सेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और बहादुरी के दम पर एनएसजी कमांडो के रूप में पहचान बनाई।
ग्रामीणों ने उन्हें एक साहसी, कर्तव्यनिष्ठ और देशभक्त जवान बताया। उनका कहना है कि प्रकाश यादव ने हमेशा देश की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा। उनके असमय निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे जिले को अपूरणीय क्षति हुई है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। गांव में अब सभी को उनके पार्थिव शरीर के आने का इंतजार है, ताकि पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जा सके।
