गोपालपुर। इंटरस्तरीय प्रोजेक्ट कन्या विद्यालय प्रांगण में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय टाइप फोर में रविवार की देर रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब अंशकालिक शिक्षिका ब्यूटी कुमारी की महिला रिश्तेदार ने गार्ड सह आदेशपाल सुनीता सिंह के साथ मारपीट कर दी। यह पूरी घटना छात्रावास परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। मामले की जानकारी विद्यालय प्रशासन ने वरीय अधिकारियों को दे दी है।
गार्ड सह आदेशपाल सुनीता सिंह ने बताया कि रविवार की देर रात अंशकालिक शिक्षिका ब्यूटी कुमारी छात्रावास का मुख्य दरवाजा खटखटाने लगीं। दरवाजा खोलने पर वह अपने साथ आई महिला व पुरुष रिश्तेदारों को छात्रावास के अंदर ले जाने की जिद करने लगीं। सुनीता सिंह ने स्पष्ट किया कि रात्रि के समय छात्रावास में पुरुषों के प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध है और यह नियम छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसी कारण उन्होंने पुरुष रिश्तेदारों को अंदर जाने से रोक दिया।
गार्ड के अनुसार, नियमों के पालन पर अड़े रहने से नाराज होकर ब्यूटी कुमारी की एक महिला रिश्तेदार ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और कान के पास थप्पड़ मार दिया। अचानक हुई इस घटना से वहां हो-हल्ला मच गया। शोर सुनकर रसोइया और वार्डन तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। इसके बाद संबंधित लोग गाड़ी में सवार होकर वहां से चले गए।
प्रभारी वार्डन ने बताया कि शोरगुल की आवाज सुनकर वह भी गेट पर पहुंचीं और मामले को शांत कराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी परिस्थिति में रात्रि के समय छात्रावास में पुरुषों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती। छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है।
विद्यालय के संचालक सह प्रभारी प्रधानाचार्य रमेश चंद्र यादव ने बताया कि पूरी घटना की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा गया है, ताकि जांच के दौरान साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर चिंता देखी जा रही है। उनका कहना है कि बालिका छात्रावास में इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।
फिलहाल, मामला जांच के अधीन है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों पर उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
