विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के सातवें दिन श्रम संसाधन एवं प्रवासी कल्याण विभाग की ओर से बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान के अंतर्गत सुल्तानगंज के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और दुकानदारों को बाल श्रम के दुष्परिणामों तथा बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभाग की टीम ने नमामि गंगे घाट, सीढ़ी घाट, रेलवे स्टेशन, कृष्णागढ़ चौक तथा धांधी बेलारी धर्मशाला सहित कई स्थानों पर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा एवं बेहतर भविष्य का अधिकार प्राप्त है। नाटक के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें और इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने में अपनी भागीदारी निभाएं।
इस अवसर पर श्रम संसाधन विभाग के प्रखंड पदाधिकारी अभिनव आलोक ने बताया कि श्रावणी मेले में देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में जन-जागरूकता के लिए यह सबसे उपयुक्त अवसर है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि लोगों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और उसे मजदूरी के लिए मजबूर न होना पड़े।
उन्होंने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन अभियान आगे भी लगातार चलाया जाएगा तथा विभिन्न माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जाएगा। नुक्कड़ नाटक देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और कांवरिये एकत्र हुए। कलाकारों की प्रस्तुति को लोगों ने सराहा और बाल श्रम मुक्त समाज बनाने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में विभाग के अधिकारी, कलाकार, स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में कांवरिये एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।






