पटना: बिहार सरकार ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) के अध्यक्ष पद पर वर्ष 1990 बैच की सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी शोभा ओहटकर की नियुक्ति की है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, उन्होंने पदभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगी। यह नियुक्ति बिहार कर्मचारी चयन आयोग अधिनियम, 2002 की धारा-3 के तहत की गई है।
सरकार के आदेश के साथ ही अब तक आयोग के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। इस संबंध में जारी अधिसूचना पर सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव मनोज कुमार झा के हस्ताक्षर हैं।
शोभा ओहटकर बिहार पुलिस की उन वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रही हैं, जिन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव, अनुशासित कार्यशैली और अपराध नियंत्रण को लेकर अलग पहचान बनाई। सेवा काल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिलों और वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारी निभाई। कानून-व्यवस्था के प्रति उनका सख्त और निष्पक्ष रवैया हमेशा चर्चा का विषय रहा। अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और प्रशासनिक सख्ती के कारण उनकी कार्यशैली को काफी सराहा गया।
सेवानिवृत्ति के बाद भी सरकार ने उनके अनुभव और प्रशासनिक क्षमता पर भरोसा जताते हुए उन्हें राज्य की एक महत्वपूर्ण भर्ती संस्था की जिम्मेदारी सौंपी है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन को और मजबूती मिलेगी।
बिहार कर्मचारी चयन आयोग राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में तृतीय स्तर की नौकरियों के लिए भर्ती परीक्षाओं का आयोजन, चयन प्रक्रिया और परिणाम जारी करने का कार्य करता है। आयोग की कार्यप्रणाली सीधे तौर पर लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी होती है। ऐसे में अध्यक्ष पद पर अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति को अहम फैसला माना जा रहा है।
प्रशासनिक हलकों में उम्मीद जताई जा रही है कि शोभा ओहटकर के नेतृत्व में भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी बनाया जाएगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि वह अपने प्रशासनिक अनुभव का उपयोग करते हुए आयोग की कार्यक्षमता बढ़ाने और अभ्यर्थियों के भरोसे को और मजबूत करने की दिशा में क्या नए कदम उठाती हैं।




