सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद जामताड़ा जिला शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए करमाटांड़ प्रखंड के ग्राम सकलपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले में पारा शिक्षक की वार्षिक वेतनवृद्धि पर रोक लगाने के साथ ही एक संकुल संसाधन सेवी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा भी की गई है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले प्राथमिक विद्यालय सकलपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में विद्यालय के कुछ छात्र नशा मुक्ति अभियान से जुड़े बैनर और पोस्टर के साथ अनुचित व्यवहार करते दिखाई दे रहे थे। आरोप है कि छात्रों ने अभियान से संबंधित पोस्टर और तस्वीरें भी फाड़ दी थीं। यह वीडियो गांव के निवासी अरुण मंडल ने बनाकर सार्वजनिक किया था।
आरोप यह भी है कि वीडियो वायरल होने के बाद विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक और कुछ अन्य लोगों ने शिकायतकर्ता पर वीडियो हटाने का दबाव बनाया। साथ ही धमकी देने और मारपीट का प्रयास किए जाने की भी शिकायत सामने आई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) विकेश कुणाल प्रजापति स्वयं बुधवार को विद्यालय पहुंचे और पूरे मामले की जांच की। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों, शिक्षकों और संबंधित लोगों से पूछताछ की। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक इनामुल हक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
इसके अलावा विद्यालय के पारा शिक्षक दिनेश कुमार मंडल की वार्षिक 4 प्रतिशत वेतनवृद्धि पर रोक लगा दी गई है। वहीं संबंधित संकुल संसाधन सेवी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को अनुशंसा भेजी गई है। निलंबन के बाद विद्यालय का अतिरिक्त प्रभार वरिष्ठ शिक्षक को सौंप दिया गया है।
डीएसई विकेश कुणाल प्रजापति ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही, अनुशासनहीनता या सरकारी अभियानों के प्रति असम्मान किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
संवाददाता: संतोष कुमार, जामताड़ा





