
पलामू जिले के विश्रामपुर में अखिल भारतीय एकीकृत किसान सभा के बैनर तले शुक्रवार को किसानों ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। विभिन्न मांगों को लेकर आयोजित इस आंदोलन में किसानों ने अंचल कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार, लापरवाही, दलाली और तानाशाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान सभा के प्रखंड अध्यक्ष अनिल मिस्त्री ने की। उन्होंने आरोप लगाया कि अंचल कार्यालय में किसानों की जमीन से जुड़े दाखिल-खारिज, ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करने और रसीद निर्गत करने के कार्य में अनावश्यक देरी की जा रही है। इससे किसानों को आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और दलाली के कारण आम किसानों का काम समय पर नहीं हो रहा है।
आंदोलन की शुरुआत विश्रामपुर स्थित अन्नपूर्णा होटल के समीप से हुई। वहां से किसान जुलूस की शक्ल में विश्रामपुर थाना चौक होते हुए प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रशासन से लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन की मांग की।
किसानों ने आरोप लगाया कि तोलरा गांव के आदिवासियों की जमीन का ऑनलाइन रिकॉर्ड अब तक अपडेट नहीं किया गया है। वहीं कधवन गांव के 81 रैयतों की मुरमा खुर्द भूमि का ऑनलाइन रिकॉर्ड और रसीद निर्गत नहीं होने से किसानों को सरकारी योजनाओं और अन्य कार्यों में परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन, भूमि अभिलेखों का ऑनलाइन अद्यतन और नियमित रूप से रसीद जारी करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसान सभा आंदोलन को और व्यापक रूप देगी।
प्रदर्शन में विश्वनाथ राम, राजेंद्र भुइया, प्रकाश राम, सरित देवी, मुन्ना भुइया, प्रमोद भुइया सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
संवाददाता: सत्यम शुक्ला, पलामू





