समस्तीपुर रेलवे जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मानव तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छह नाबालिग बच्चों को बाल श्रम के लिए गुजरात ले जाए जाने से बचा लिया। इस कार्रवाई के दौरान एक कथित बाल तस्कर को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी के हवाले कर दिया गया। आरपीएफ की इस कार्रवाई से बाल तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है।
जानकारी के अनुसार, आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक के निर्देशन में बुधवार की शाम समस्तीपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर संयुक्त जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान डरे-सहमे हालात में छह नाबालिग बच्चे पुलिस टीम को दिखाई दिए। पुलिस ने बच्चों से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके साथ मौजूद मो. फिरदौश (29), निवासी सकरा, जिला मुजफ्फरपुर, उन्हें गुजरात ले जा रहा था।
बच्चों ने बताया कि गुजरात में उन्हें अंगूठी और बाली बनाने वाले कारखानों में काम कराया जाना था। पूछताछ के दौरान आरोपी मो. फिरदौश ने भी स्वीकार किया कि वह सभी बच्चों को मजदूरी के लिए गुजरात ले जा रहा था, जहां प्रत्येक बच्चे को करीब छह हजार रुपये प्रतिमाह मजदूरी देने की बात कही गई थी।
आरपीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मुक्त कराए गए सभी छह बच्चे मुजफ्फरपुर जिले के निवासी हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी, सभी बच्चों तथा जब्त दस्तावेजों को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी समस्तीपुर के हवाले कर दिया गया है।
रेलवे सुरक्षा बल ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी बच्चे को संदिग्ध परिस्थितियों में कहीं ले जाया जाता दिखे या बाल तस्करी की आशंका हो तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे पुलिस या संबंधित एजेंसियों को दें। मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।






