वर्तमान की भागदौड़ भरी लाइफ में टेक्स्ट मैसेजेस की अहम भूमिका है और रोजाना करोड़ों लोग कई माध्यमों से टेक्स्ट मैसेज भेजते हैं. नए आंकड़ों के अनुसार, आज भेजे जाने वाले हर तीन टेक्स्ट मैसेजेस में से एक एसएमएस के जरिए सेंड और रिसीव किया जाता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि दुनिया का पहला टेक्स्ट मैसेज (SMS) कब भेजा गया था और पहली बार किसने इसका इस्तेमाल किया था?

मिडिया रिपोर्ट के अनुसार, पहला टेक्स्ट मैसेज 3 दिसंबर 1992 को भेजा गया था और क्रिसमस की शुभकामना दी गई थी. दुनिया का पहला टेक्स्ट मैसेज ‘मेरी क्रिसमस’ था और 15 अक्षर वाले इस शॉर्ट मैसेज (SMS) को वोडाफोन के नेटवर्क के माध्यम से भेजा गया था.

दुनिया का पहला टेक्स्ट मैसेज वोडाफोन इंजीनियर नील पापवोर्थ ने कंप्‍यूटर से अपने दूसरे साथी रिचर्ड जारविस को भेजा था, जो कंपनी के डायरेक्‍टर थे. रिचर्ड को ये एसएमएस ऑर्बिटल 901 हैंडसेट पर भेजा गया था.

संचार फर्म इंफोबिप के सर्वे में खुलासा हुआ है कि शामिल लोगों में से 30 प्रतिशत ने कहा कि वो रोजाना मैसेज भेजते हैं और उनमें से 54 प्रतिशत लोगों ने बताया कि मैसेज भेजने के लिए SMS का इस्तेमाल करते हैं. इंफोबिप यूके के कंट्री मैनेजर निखिल शूरजी ने कहा कि 30 सालों में मैसेजिंग तकनीक का तेजी से विस्तार हुआ है और अब लोग व्हाट्सएप से लेकर स्काइप तक का इस्तेमाल कर रहे हैं. कुछ लोग यह तर्क दे सकते हैं कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता की दौड़ में एसएमएस ने अपनी जमीन खो दी है, लेकिन हमारे शोध के परिणाम इसके बिल्कुल विपरीत हैं.

मैसेज भेजने वाले वोडाफोन इंजीनियर नील पापवोर्थ टेक्स्ट मैसेज को लेकर कहा था, ‘1992 में जब पहली बार एसएमएस भेजा था, तब नहीं पता था कि टेक्स्टिंग इतनी पॉपुलर हो जाएगी और रोजाना लाखों लोग इसका इस्तेमाल करेंगे.’

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