पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर रविवार को मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। परीक्षा केंद्र दूर होने और ट्रेनों में जगह नहीं मिलने से नाराज हजारों छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर उतरकर प्रदर्शन किया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि रेल परिचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया और कई महत्वपूर्ण ट्रेनें, जिनमें राजधानी एक्सप्रेस भी शामिल है, प्रभावित हुईं।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने ट्रैक जाम कर परीक्षा रद्द करने और अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की मांग की। सूचना मिलते ही रेल आईजी जितेंद्र राणा, रेल एसपी, आरपीएफ और जिला पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान रेल आईजी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठीचार्ज किया और चेतावनी स्वरूप हवाई फायरिंग भी की। इसके बाद धीरे-धीरे ट्रैक और स्टेशन परिसर को खाली कराया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
“अररिया और कटिहार के लिए एक ही ट्रेन थी। ट्रेन पहले से भरी हुई थी, इसलिए हजारों छात्र चढ़ नहीं सके। इसी वजह से आक्रोश बढ़ा और बाद में स्थिति बिगड़ गई।”
एक अन्य अभ्यर्थी कन्हैया ने बताया कि स्टेशन पर 10 से 15 हजार परीक्षार्थी मौजूद थे। ट्रेन में जगह नहीं मिलने के कारण कई छात्रों की परीक्षा छूट गई। अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग की है।
“कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।”
बता दें कि केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा 4,210 पदों के लिए यह परीक्षा राज्य के 38 जिलों में आयोजित की जा रही है। इसमें मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही के पद शामिल हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित हो रही है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।






