
भागलपुर। बुराई पर अच्छाई की जीत और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व भागलपुर में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर में दो प्रमुख स्थानों पर रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किए गए। नाथनगर के कर्णगढ़ स्थित सीटीएस मैदान और जिला स्कूल मैदान में रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन कर लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
नाथनगर के कर्णगढ़ स्थित सीटीएस मैदान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में करीब 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इसके साथ ही मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों को भी जलाया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने रावण के पुतले का दहन किया, जबकि वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने मेघनाथ और सदर एसडीओ विकास कुमार ने कुंभकरण के पुतले का दहन किया। पुतलों के जलते ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
नाथनगर में रावण दहन का आयोजन करीब 200 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला परंपरा से जुड़ा है। नाथनगर रामलीला कमेटी की ओर से गोलदारपट्टी स्थित रामलीला मैदान में लगातार नौ दिनों तक रामलीला का मंचन किया जाता है। कलाकार भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और रावण वध की कथा के माध्यम से लोगों को धर्म और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
वहीं, भागलपुर के जिला स्कूल मैदान में भी विजयादशमी का उत्साह देखने को मिला। यहां करीब 15 साल बाद रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। इस आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। कार्यक्रम में मेयर वसुंधरा लाल और नगर विधायक रोहित पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मेयर और विधायक ने पुतलों का दहन किया। लंबे अंतराल के बाद आयोजन होने के कारण मैदान में हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचे।
दोनों स्थानों पर कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
इस तरह भागलपुर में विजयादशमी का पर्व आस्था, उल्लास और पारंपरिक उत्साह के बीच संपन्न हुआ। रावण दहन के साथ लोगों ने संदेश दिया कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः जीत सत्य और अच्छाई की ही होती है।





