बिहार के बगहा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां गंडक दियारा इलाके में एक बार फिर गैंडा दिखाई देने से ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई। मधुबनी प्रखंड के देवीपुर कोइरी टोला सरेह में मंगलवार को गैंडा नजर आया। इसके बाद वह धनहा के देवीपुर इलाके से निकलकर गोबरहिया सरेह स्थित गन्ने के खेत में जा छिपा। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और गैंडे को सुरक्षित रेस्क्यू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
दरअसल, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व यानी वीटीआर के आसपास के दियारा इलाके में गैंडे की मौजूदगी से वन विभाग अलर्ट हो गया है। वनरक्षी आबिद हुसैन और रंजीत कुमार के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम सुबह से ही गैंडे की निगरानी में जुटी हुई है। गन्ने के खेत में गैंडे के छिपे होने के कारण रेस्क्यू अभियान को सावधानीपूर्वक अंजाम देने की तैयारी की जा रही है, ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
इस संबंध में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बगहा रेंज ऑफिसर श्रीमान मालाकार ने बताया कि गैंडे को सुरक्षित पकड़ने के लिए पटना से विशेष टीम बुधवार को पहुंचेगी। रेस्क्यू अभियान में जीपीएस सिस्टम, प्रशिक्षित हाथियों और विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। योजना के मुताबिक, विशेषज्ञ गैंडे को ट्रैंकुलाइज यानी बेहोश कर सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करेंगे। फिलहाल वन विभाग की टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
गौरतलब है कि इससे पहले 13 अक्टूबर को भी गंडक दियारा के पिपरासी इलाके में एक गैंडा दिखाई दिया था। अब देवीपुर इलाके में गैंडे की मौजूदगी के बाद उसके यहां पहुंचने को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि बीते दिनों आई बाढ़ के पानी में बहकर गैंडा नेपाल के चितवन नेशनल पार्क से नारायणी-गंडक नदी के रास्ते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के आसपास के क्षेत्र में पहुंचा होगा। हालांकि, उसके यहां पहुंचने के वास्तविक कारणों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
फिलहाल वन विभाग की प्राथमिकता गैंडे को सुरक्षित रेस्क्यू करना और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे में आसपास के लोगों से अपील है कि वे गैंडे के नजदीक जाने या उसे परेशान करने से बचें और किसी भी तरह की जानकारी मिलने पर वन विभाग को सूचित करें। अब सभी की नजरें बुधवार को पहुंचने वाली विशेष टीम के रेस्क्यू अभियान पर टिकी हैं।






