दुर्गापूजा और दीपावली के त्योहारों के बीच धनबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को शहर के चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर करीब 1400 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया गया। इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस लाइन के समीप और कार्मिक नगर समेत कई स्थानों पर हुई इस कार्रवाई के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
त्योहारों के मौसम में बाजारों में पनीर और इससे बनने वाली मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इसी बीच खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की। फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के चार ठिकानों पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान विभिन्न घरों में जमा करके रखा गया करीब 1400 किलो पनीर बरामद किया गया। विभाग को सूचना मिली थी कि दूसरे राज्य से पनीर लाकर धनबाद के अलग-अलग स्थानों पर स्टॉक किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी कर पनीर को जब्त किया। मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। जब्त पनीर के साथ उन्हें धनबाद थाना भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, जब्त पनीर की गुणवत्ता को लेकर संदेह जताया गया है, लेकिन फिलहाल इसमें किसी खास रासायनिक पदार्थ या हानिकारक सामग्री की मिलावट की पुष्टि नहीं हुई है। पनीर के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पनीर की गुणवत्ता कैसी है और उसमें किसी तरह की मिलावट की गई है या नहीं।
इस कार्रवाई के बाद त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई को मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
फिलहाल, सभी की नजर प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट पर टिकी है। ऐसे में त्योहारों के दौरान पनीर और मिठाइयां खरीदते समय लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और विश्वसनीय दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदनी चाहिए।






