भागलपुर: सदर प्रखंड के लखनपुर पंचायत अंतर्गत मंडवा गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय उर्दू में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय में रंगाई-पोताई के दौरान करीब एक दर्जन बच्चों को आठ फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल पर चढ़ाया गया। इतना ही नहीं, उनसे लगभग 30 फीट लंबी बांस की सीढ़ी भी उठवाई जा रही थी। इस दौरान कई बच्चे जर्जर छज्जे के नीचे खड़े थे। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी।
कैमरा देखते ही बच्चों को नीचे उतारा
विद्यालय में रंगाई-पोताई का काम कर रहे मोहम्मद इस्लाम की नजर जैसे ही मीडिया के कैमरे पर पड़ी, आनन-फानन में बच्चों को बाउंड्रीवॉल से नीचे उतारा जाने लगा। बच्चों से जोखिम भरा काम कराने के संबंध में पूछे जाने पर मोहम्मद इस्लाम ने बताया कि बच्चों को शिक्षक-शिक्षिकाओं से पूछकर मदद के लिए बुलाया गया था।
हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय विद्यालय में कक्षाएं संचालित हो रही थीं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पढ़ाई के दौरान बच्चों को इस तरह के जोखिम भरे काम में शामिल होने की अनुमति किसने दी।
शिक्षकों के बयानों में सामने आया अंतर
विद्यालय के शिक्षक मोहम्मद सादिक काजमी ने बताया कि उस समय पढ़ाई चल रही थी और प्रभारी शिक्षक अजय कुमार कार्यालय के काम से बाहर गए हुए थे। उन्होंने दावा किया कि उनकी कक्षा का कोई बच्चा बाहर नहीं था।
वहीं, कक्षा तीन की शिक्षिका इंदू कुमारी ने बताया कि उनके एक-दो बच्चे पानी पीने के लिए छुट्टी लेकर बाहर गए थे। उन्होंने बच्चों से काम कराने की जानकारी से इनकार किया। कक्षा सात की शिक्षिका मधु रानी ने भी बच्चों के छुट्टी लेकर बाहर जाने की बात कही। हालांकि, कक्षा सात के छात्र इमरान ने बताया कि वह मदद करने के लिए बाहर आया था।
डीईओ ने जांच और कार्रवाई की बात कही
मामले पर जिला शिक्षा पदाधिकारी धनंजय कुमार पासवान ने कहा कि वीडियो के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों से इस प्रकार का काम कराना गलत है।
अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बच्चों को जोखिम भरे काम में किसकी अनुमति से लगाया गया था और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।






