बिहार के वैशाली में गंगा नदी में हुए नाव हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है। अपनी बेटियों समेत परिवार के कई बच्चों को खो चुकी एक मां का दर्द उस वक्त छलक पड़ा, जब वह जिला अधिकारी वर्षा सिंह से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगी। महिला की चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। वहीं, ग्रामीणों ने जर्जर नाव को लेकर पहले शिकायत किए जाने का दावा करते हुए जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद पंचायत में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और मातम का माहौल है। अपनी तीन बेटियों, एक बेटे और ननद के बेटे को खोने वाली महिला डीएम वर्षा सिंह से लिपटकर करीब पांच मिनट तक रोती रही। महिला ने रोते हुए कहा कि उसके परिवार के कई बच्चे भोज खाने के लिए नाव पर सवार होकर गए थे, लेकिन हादसे ने उसकी दुनिया उजाड़ दी। महिला ने डीएम से सवाल किया कि अगर यही घटना उनके परिवार के साथ होती, तो उन्हें कैसा लगता। मां का दर्द सुनकर मौके पर मौजूद अधिकारी भी भावुक हो गए।
हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा जिला प्रशासन पर फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि नाव पहले से ही टूटी-फूटी थी और इसकी शिकायत प्रशासन से की गई थी। उनका कहना है कि अगर समय रहते शिकायत पर कार्रवाई होती, तो शायद यह हादसा टल सकता था। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
हादसे के दौरान हाजीपुर सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार बच्चों को बचाने के लिए जुटे रहे। उन्होंने बच्चों को बाहर निकालने के बाद सीपीआर देकर उनकी सांसें लौटाने की कोशिश की।
जानकारी के मुताबिक, नाव पर 30 से 35 बच्चे सवार थे। इनमें से सात बच्चों को बचाया गया, जबकि अन्य की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया। हादसे में 13 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।





