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सहरसा में डीसीएलआर के आदेश के बाद भी मांगी जा रही थी रिश्वत, निगरानी टीम ने 16 हजार घूस लेते राजस्व कर्मचारी और दलाल को दबोचा

सहरसा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई पटना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिषी अंचल के एक राजस्व कर्मचारी और उसके कथित दलाल को 16 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है और पूरे इलाके में इस गिरफ्तारी की चर्चा हो रही है।

जानकारी के अनुसार महिषी अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी श्याम प्रसाद सिंह और उसके कथित दलाल फूलचंद शाह पर दाखिल-खारिज और जमीन की रसीद काटने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायतकर्ता मोहम्मद हयातुल्लाह ने निगरानी विभाग को इसकी शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि डीसीएलआर के आदेश के बावजूद काम करने के एवज में पहले 25 हजार रुपये की मांग की गई थी। बाद में सौदा 20 हजार रुपये में तय हुआ।

पीड़ित मोहम्मद हयातुल्लाह ने बताया कि लगातार पैसे की मांग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने विशेष निगरानी इकाई पटना से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि आदेश होने के बावजूद बिना रिश्वत काम नहीं किया जा रहा था। मजबूरी में निगरानी विभाग को शिकायत करनी पड़ी, जिसके बाद पूरी कार्रवाई की गई।

शिकायत मिलने के बाद विशेष निगरानी इकाई पटना ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद कांड संख्या 19/2026 दर्ज कर टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही 16 हजार रुपये रिश्वत की रकम दी गई, निगरानी टीम ने दोनों आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया। छापेमारी के दौरान घूस की पूरी राशि भी बरामद कर ली गई।

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को महिषी थाना लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद जिले में जमीन संबंधित मामलों में फैले भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दाखिल-खारिज और जमीन की रसीद काटने के मामलों में लंबे समय से रिश्वतखोरी आम बात बन चुकी है। ऐसे में निगरानी विभाग की यह कार्रवाई भ्रष्ट अधिकारियों के लिए बड़ा संदेश मानी जा रही है।

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