भागलपुर। विकसित भारत की संकल्पना को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से भागलपुर में चार दिनों तक नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग, भागलपुर एवं जिला कला एवं संस्कृति विभाग, भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस जागरूकता अभियान के तहत कलाकारों ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक विभिन्न चौक-चौराहों पर दर्जनों नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया। कलाकारों ने हास्य-व्यंग्य और प्रभावशाली संवादों के माध्यम से लोगों को देश के विकास में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया।
हास्य-व्यंग्य के जरिए दिया विकास का संदेश
इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम में निभाष चंद्र मोदी, संजय दिरबारी, रोमियो महतो और शंभू सागर की कलाजत्था टीम ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों ने नाटक के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना और राष्ट्र निर्माण में आम नागरिकों की जिम्मेदारी को सरल भाषा में समझाने का प्रयास किया।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि गंभीर विषयों को भी मनोरंजक अंदाज में प्रस्तुत किया गया। कलाकारों के चुटीले संवाद, हास्यपूर्ण अभिनय और व्यंग्यात्मक शैली ने दर्शकों को खूब हंसाया। मनोरंजन के साथ-साथ लोगों को विकास, नागरिक जिम्मेदारी और सामाजिक जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश भी दिए गए।
शहर से गांव तक जुटी दर्शकों की भीड़
चार दिनों तक चले इस अभियान के दौरान कलाकारों की टीम जहां भी प्रस्तुति देने पहुंची, वहां लोगों की भीड़ जुट गई। चौक-चौराहों से गुजरने वाले राहगीर भी रुककर नाटक देखने लगे। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय और आकर्षक प्रस्तुति ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। दर्शकों ने नाटकों का आनंद लेने के साथ उनके संदेशों को भी समझने का प्रयास किया।
इस कार्यक्रम में निभाष चंद्र मोदी, संजय दिरबारी, रोमियो महतो, शंभू सागर, वाल्मीकि कुमार, खुशबू कुमारी और सुरभि कुमारी सहित कई कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम बना नुक्कड़ नाटक
कार्यक्रम के माध्यम से कलाकारों ने संदेश दिया कि विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की जागरूकता, जिम्मेदारी और सहभागिता महत्वपूर्ण है। इस आयोजन ने कला और संस्कृति को जनजागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया। नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों तक विकास का संदेश पहुंचाने के साथ सामाजिक बदलाव और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में लोककलाओं की उपयोगिता भी सामने आई।





