पश्चिम चंपारण जिले के बगहा से है, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित गड़बड़ी के आरोप को लेकर महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मार्च निकाला। मार्च के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने CEC के इस्तीफे और कथित गड़बड़ियों की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
महागठबंधन का यह मार्च बगहा रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ और अनुमंडल मुख्यालय के समीप स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचा। मार्च में महागठबंधन में शामिल विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने SIR की प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
मार्च में शामिल माले नेता और सिकटा के पूर्व विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने चुनाव आयोग पर केंद्र सरकार के निर्देश पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उनके मुताबिक, इससे कई लोगों के मताधिकार से वंचित होने की स्थिति बनी है। उन्होंने कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वहीं, कांग्रेस जिला अध्यक्ष नरेश राम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर संविधान के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया के दौरान जीवित लोगों को मतदाता सूची में मृत घोषित किए जाने के मामले सामने आए हैं। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच की मांग की।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में राशि भेजे जाने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने इस मामले की भी जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की गई।






