पटना: बिहार की राजधानी पटना में एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महागठबंधन का आक्रोश मार्च जारी रहा। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के कई नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। यह मार्च शहीद स्मारक से शुरू होकर सचिवालय के पास सप्तमूर्ति तक जाना था। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी।
महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो बैरिकेडिंग पार कर ली। इसके बाद तीसरी बैरिकेडिंग पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान तेजस्वी यादव खुद बैरिकेड पर चढ़ते नजर आए। मौके पर मौजूद कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे।
प्रदर्शन के दौरान आरजेडी की प्रवक्ता प्रियंका भारती को भी पुलिस ने डिटेन कर लिया और अपने साथ ले गई। हालांकि, इसके बाद भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी रहा।
इसी बीच तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी, मीसा भारती और डेलिगेशन के अन्य सदस्य पुलिस की स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठकर राजभवन के लिए रवाना हुए। पटना पुलिस की ओर से कहा गया कि तेजस्वी यादव को हिरासत में नहीं लिया गया है। डीएसपी हनु कुमारी ने बताया कि छह सदस्यीय डेलिगेशन को राजभवन ले जाया जा रहा है, जहां राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाना है।
प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव ने एसआईआर को लेकर केंद्र और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती से एसआईआर की शुरुआत हुई है और लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी लोग एकजुट हुए हैं। तेजस्वी ने इसे ‘वोट चोरी’ से जोड़ते हुए विरोध दर्ज कराया।
वहीं, मंत्री रामकृपाल यादव ने महागठबंधन के मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए चुनाव कराया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष गुस्सा है, इसलिए आक्रोश मार्च निकाल रहा है और उसे मार्च निकालते रहने दें।
फिलहाल तेजस्वी यादव समेत छह सदस्यीय डेलिगेशन राजभवन की ओर रवाना हो चुका है, जबकि प्रदर्शन स्थल पर महागठबंधन के कार्यकर्ताओं का विरोध-प्रदर्शन जारी है।





