भागलपुर। भारत निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता, पारदर्शिता और स्वायत्तता को लेकर इंडिया गठबंधन के आह्वान पर बुधवार, 7 अक्टूबर को नाथनगर विधानसभा क्षेत्र के नाथनगर, जगदीशपुर और सबौर प्रखंड मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतले दहन किए।
प्रदर्शन का आयोजन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के निर्देश पर किए जाने की बात प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की तथा आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने की मांग उठाई।
नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से राजद के प्रत्याशी रहे शेख ज्याउल हसन उर्फ जेड हसन ने कहा कि इंडिया गठबंधन सहित देश के लोगों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में बिहार में हुए एसआईआर और बिहार एवं पश्चिम बंगाल के चुनावों को लेकर उठ रहे सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने इन चुनावों को रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग भी रखी।
जेड हसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर मुख्य चुनाव आयुक्त के माध्यम से निर्वाचन आयोग को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों के खिलाफ महागठबंधन बिहार में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगा।
नाथनगर और जगदीशपुर के कार्यक्रमों में राजद, कांग्रेस, सीपीआई और सीपीएम समेत महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। वहीं सबौर प्रखंड मुख्यालय में भी गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में राजद के निवर्तमान प्रखंड अध्यक्ष अशोक कुमार राकेश, सुमंत यादव, चंद्रशेखर यादव, राबिया खातून, अरविंद यादव, असजद अली सिद्दीकी, मो. उस्मान, इरशाद फतेहपुरी, मो. कौशर, कांग्रेस नेता प्रियशंकर पांडेय, सुजीत झा सहित कई नेता मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, तीनों स्थानों पर बड़ी संख्या में महागठबंधन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए।
नोट: प्रदर्शन में लगाए गए आरोप राजनीतिक दलों के हैं। निर्वाचन आयोग या संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।






