पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति और तटबंधों की सुरक्षा को लेकर जल संसाधन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नेपाल में हुई भारी और अप्रत्याशित बारिश के कारण गंडक नदी में उफान आया, जिससे बिहार के आधा दर्जन से अधिक जिले बाढ़ से प्रभावित हुए। चंपारण में पांच जगह तटबंध टूटने की घटना भी सामने आई।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल में हुई भारी बारिश का असर बिहार की नदियों पर पड़ा, लेकिन कुछ अभियंताओं की कार्य में लापरवाही और शिथिलता भी सामने आई है। इसी को लेकर जल संसाधन विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की है।
विजय कुमार चौधरी के मुताबिक, कार्रवाई के तहत सात अभियंताओं को निलंबित किया गया है। इनमें दो कार्यपालक अभियंता, तीन सहायक अभियंता और दो कनीय अभियंता शामिल हैं। निलंबित अधिकारियों में संतोष कुमार प्रभाकर, कार्यपालक अभियंता छपरा, मो. साजिद इकबाल, कार्यपालक अभियंता गोपालगंज, सुनील कुमार और विनोद कुमार, सहायक अभियंता छपरा, मो. जावेद अंसारी, सहायक अभियंता गोपालगंज, चंद्रशेखर कुमार, कनीय अभियंता छपरा और विकास कुमार, कनीय अभियंता गोपालगंज शामिल हैं।
इसके अलावा मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। उन पर चंपारण तटबंध के क्षतिग्रस्त होने और उसके बाद की जाने वाली आकस्मिक प्रतिक्रिया में शिथिलता और लापरवाही बरतने का आरोप है। वहीं एक एसीपी और एक कार्यपालक अभियंता को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अब नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, हालांकि कई स्थानों पर पानी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है। इस बार गंगा और गंडक नदियों में ऑल टाइम रिकॉर्ड जलस्तर पहुंचा। सरकार और विभाग ने लगातार काम करते हुए अधिकांश तटबंधों को क्षतिग्रस्त होने से बचाया।
उन्होंने कहा कि निचले इलाकों में पानी फैलने से फसलों को नुकसान हुआ है, जिसकी सरकार समीक्षा कर रही है। साथ ही साफ किया कि बाढ़ प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।






