जामताड़ा। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), जामताड़ा की ओर से एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (कृषिन्नोति) योजना के तहत सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को नाला प्रखंड में जिला स्तरीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में किसानों को समेकित कृषि प्रणाली के साथ कृषि एवं संबद्ध विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से अवगत कराना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से फसल उत्पादन, उन्नत कृषि तकनीक, फसल प्रबंधन, कीट एवं रोग प्रबंधन, संतुलित उर्वरक के उपयोग और गुणवत्तापूर्ण बीज के चयन के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा जल प्रबंधन तथा आत्मा और कृषि विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी किसानों को दी गई।
विशेषज्ञों ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल करने के उपाय बताए। किसानों को फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रभावी इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रक्षेत्र भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान खेतों में फसलों में दिखाई दे रहे कीट एवं व्याधि के लक्षणों की पहचान, उनके संभावित कारण और समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन के उपाय बताए गए। फसल की वर्तमान अवस्था के अनुसार पोषक तत्व प्रबंधन, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण और कृषि रक्षा उपायों को लेकर भी किसानों को मार्गदर्शन दिया गया।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी कि फसलों में कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर बिना पहचान के अनावश्यक कीटनाशी और रोगनाशी का इस्तेमाल नहीं करें। प्रारंभिक लक्षण सामने आने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर ही अनुशंसित मात्रा में दवाओं का प्रयोग करें।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने अपनी कृषि संबंधी समस्याएं भी विशेषज्ञों के समक्ष रखीं। विशेषज्ञों ने मौके पर ही समस्याओं का समाधान बताते हुए किसानों को आवश्यक सुझाव दिए।
कार्यक्रम में उप परियोजना निदेशक संजय कुमार सिंह, प्रखंड कृषि पदाधिकारी समीर बाद्यकर, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक गंगाधर मंडल, किसान मित्र गिरिधारी ठाकुर, पवन कुमार, दीपक रुईदास, नदिया घोष, प्रदीप, मंत्रिराम मंडल, नीलकंठ सोनार समेत बड़ी संख्या में किसान मित्र और किसान मौजूद रहे।
रिपोर्ट: संतोष कुमार, जामताड़ा







