भागलपुर। करीब 12 वर्षों से अपनी सेवा में वापसी की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे सांख्यिकी स्वयंसेवकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सरकार के निर्देश के बाद भागलपुर जिले से करीब 1600 सांख्यिकी स्वयंसेवकों की सूची योजना एवं विकास विभाग को भेजी गई है। सूची भेजे जाने के बाद लंबे समय से इंतजार कर रहे स्वयंसेवकों में खुशी का माहौल है।
बताया जाता है कि करीब 12 वर्ष पहले सांख्यिकी स्वयंसेवकों की बहाली की गई थी। चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने के बाद उनसे छठी आर्थिक जनगणना समेत विभिन्न सांख्यिकी संबंधी कार्य कराए गए थे। हालांकि, बाद में सरकार ने इस व्यवस्था को पुनर्विचाराधीन रखते हुए स्वयंसेवकों से काम लेना बंद कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में सांख्यिकी स्वयंसेवक बेरोजगार हो गए और लगातार अपनी सेवा में दोबारा लिए जाने की मांग करते रहे।
लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बीच अब सरकार की ओर से स्वयंसेवकों की सूची मांगे जाने को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। भागलपुर जिले से करीब 1600 स्वयंसेवकों की सूची तैयार कर योजना एवं विकास विभाग को भेज दी गई है। इस खबर के सामने आने के बाद स्वयंसेवकों में नई उम्मीद जगी है।
सूची भेजे जाने की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में सांख्यिकी स्वयंसेवक जिला सांख्यिकी पदाधिकारी कार्यालय के बाहर जुटे और खुशी का इजहार किया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और योजना एवं विकास मंत्री भगवान कुशवाहा के प्रति आभार जताया।
स्वयंसेवकों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद अब उन्हें अपनी सेवा में वापसी की उम्मीद दिखाई दे रही है। वर्षों से रोजगार और अपने भविष्य को लेकर चिंतित स्वयंसेवकों के लिए सरकार का यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने कहा कि इस बार का दशहरा और दीपावली उनके लिए सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि नई उम्मीद और खुशी लेकर आया है। अब उनकी नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी है।






