नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को देशभर में प्रदर्शन किया। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन आयोग के पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया। झारखंड, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, मणिपुर, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई राज्यों में रैलियां, धरने और मार्च निकाले गए।
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा ने श्रीनगर में प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाया नहीं जाता, पार्टी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने वोटर लिस्ट में बदलाव और फॉर्म-6 के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए।
झारखंड के रांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुराने विधानसभा परिसर से मार्च निकालकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का घेराव किया। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि पार्टी ने हरियाणा और महाराष्ट्र में कथित वोट चोरी के संबंध में सवाल उठाए हैं। नेताओं ने सीईओ के. रवि कुमार को ज्ञापन भी सौंपा।
जम्मू-कश्मीर के जम्मू, पुंछ, उधमपुर, कठुआ, सांबा, रामबन, राजौरी और डोडा में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों की समीक्षा की मांग की। जम्मू में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को उपायुक्त कार्यालय की ओर मार्च करने से रोक दिया।
तेलंगाना में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने धरने में हिस्सा लेकर एसआईआर को लेकर कांग्रेस की चिंताओं को दोहराया। मणिपुर और कर्नाटक में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की।
महाराष्ट्र में कांग्रेस ने जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। वहीं गुजरात के सुरेंद्रनगर और जूनागढ़ में भी प्रदर्शन हुए। सुरेंद्रनगर में बिना जरूरी मंजूरी रैली निकालने पर 200 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
वहीं, सुरेंद्रनगर भाजपा अध्यक्ष हार्दिक तमालिया ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि हार के बाद पार्टी चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवाल उठाती है।








