बिहार के जमुई में प्रशासनिक लापरवाही और बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के बाईपास मार्ग पर मंगलवार को कई घंटों तक भीषण जाम लगा रहा। इस जाम में स्कूल बसों से लेकर दर्जनों छोटे-बड़े वाहन फंसे रहे, लेकिन सबसे दर्दनाक दृश्य तब देखने को मिला जब जिंदगी और मौत से जूझ रहे एक गंभीर मरीज की एंबुलेंस भी घंटों जाम में फंस गई।
हैरानी की बात यह रही कि जिस वक्त सड़क पर सायरन बजाती एंबुलेंस रास्ता मांग रही थी, उसी समय जमुई परिसदन में जिले के अधिकारी वीआईपी स्वागत में व्यस्त थे। जानकारी के अनुसार जिले के प्रभारी मंत्री संजय सिंह और सचिव धर्मेंद्र कुमार के स्वागत को लेकर डीएम, एसपी समेत पूरा प्रशासनिक अमला परिसदन में मौजूद था। गार्ड ऑफ ऑनर की तैयारी चल रही थी, लेकिन सड़क पर लगे जाम और उसमें फंसी एंबुलेंस की ओर किसी का ध्यान नहीं गया।
एंबुलेंस चालक नवल कुमार सिंह ने बताया कि गिद्धौर अस्पताल से रेफर 22 वर्षीय प्रभात कुमार मिश्रा को गंभीर हालत में सदर अस्पताल लाया जा रहा था। सड़क हादसे में युवक के सिर में गंभीर चोट लगी थी और समय पर इलाज बेहद जरूरी था। लेकिन जाम के कारण एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
इसी बीच एक स्थानीय रिपोर्टर मौके पर पहुंचा और खुद सड़क पर उतरकर वाहनों को हटवाया। काफी मशक्कत के बाद एंबुलेंस को जाम से बाहर निकाला गया और मरीज को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद भी परिजनों की परेशानी खत्म नहीं हुई। डॉक्टरों ने तुरंत सिटी स्कैन कराने को कहा, लेकिन अस्पताल की सिटी स्कैन मशीन पिछले दो दिनों से खराब पड़ी थी। मजबूरन परिजनों को मरीज को निजी सेंटर ले जाना पड़ा।
इस घटना ने एक बार फिर जिले की ट्रैफिक व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है।
जाम में फंसी जिंदगी! वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त रहा प्रशासन, गंभीर मरीज को रिपोर्टर ने पहुंचाया अस्पताल


