रोहतास : देश में सोना खरीदने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब छोटे कारोबारियों पर भी दिखने लगा है। रोहतास जिले के एक जाने-माने स्वर्ण कारोबारी को मजबूरी में चाय-पकौड़ी की दुकान खोलनी पड़ी। यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
वर्षों से सर्राफा कारोबार से जुड़े सच्चिदानंद प्रसाद ने बताया कि पहले उनकी दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी, खासकर शादी-विवाह और लगन के मौसम में। लेकिन पिछले कुछ समय से ग्राहक लगभग आना बंद हो गए हैं। कारोबार में आई भारी गिरावट के कारण अब परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
सच्चिदानंद प्रसाद ने कहा, “पहले हम लोगों को रोजगार देते थे, लेकिन अब खुद की स्थिति खराब हो गई है। दुकान का खर्च, बिजली बिल और कर्मचारियों का वेतन निकालना मुश्किल हो रहा है। मजबूरी में चाय और पकौड़ी की दुकान शुरू करनी पड़ी, ताकि घर का खर्च चल सके।”
उन्होंने प्रधानमंत्री की उस अपील पर भी सवाल उठाया, जिसमें लोगों से एक साल तक सोना-गहना खरीदने से बचने को कहा गया था। उनका कहना है कि भारत में लाखों लोग सर्राफा कारोबार से जुड़े हैं और खरीदारी रुकने से सबसे ज्यादा असर छोटे व्यापारियों, कारीगरों और मजदूरों पर पड़ रहा है।
इस मुद्दे पर राजनीति भी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता गुड्डू चंद्रवंशी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की नीतियों का सीधा असर छोटे व्यापारियों की आजीविका पर पड़ रहा है। वहीं, मुख्य पार्षद शशि कुमारी ने कहा कि सरकार को किसी भी फैसले से पहले छोटे व्यवसायियों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2026 में एक जनसभा के दौरान लोगों से एक साल तक सोना-गहना नहीं खरीदने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा, क्योंकि भारत बड़ी मात्रा में सोना और कच्चा तेल आयात करता है।


