सहरसा: नौहट्टा नगर पंचायत में चालकों का प्रदर्शन, पक्कार के सहरसा जिले के नौहट्टा नगर पंचायत में रविवार को मिथिला ड्राइवर महासंघ के चालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान चालकों ने नगर पंचायत क्षेत्र में पक्का वाहन स्टैंड और सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराने की मांग उठाई। चालकों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान करने की अपील की।
वाहन स्टैंड नहीं होने से चालकों को परेशानी
प्रदर्शन कर रहे चालकों के अनुसार, नौहट्टा नगर पंचायत में वाहनों को खड़ा करने के लिए व्यवस्थित और स्थायी स्टैंड की व्यवस्था नहीं है। इसके कारण चालकों को वाहन लगाने में दिक्कत होती है। उचित स्थान के अभाव में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। चालकों ने मांग की कि नगर पंचायत क्षेत्र में जल्द पक्का वाहन स्टैंड बनाया जाए, ताकि वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा किया जा सके और चालकों को राहत मिले।
सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से यात्रियों को भी परेशानी
चालकों ने सार्वजनिक शौचालय की कमी को भी एक गंभीर समस्या बताया। उनका कहना है कि शौचालय और विश्राम की उचित व्यवस्था नहीं होने से वाहन चालकों को लंबे समय तक काम करने के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसका असर यात्रियों और आम राहगीरों पर भी पड़ता है। खासकर महिला यात्रियों के लिए सार्वजनिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव परेशानी का कारण बनता है।
मिथिला ड्राइवर महासंघ के सदस्यों ने प्रशासन से मांग की कि आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जाए। इससे वाहन चालकों के साथ-साथ यात्रियों और बाजार आने वाले लोगों को भी सुविधा मिल सकेगी।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान चालकों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका संबंध आम जनता की सुविधाओं से भी है। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से पक्का वाहन स्टैंड और सार्वजनिक शौचालय निर्माण की दिशा में शीघ्र पहल करने की मांग की।
चालकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे। अब देखना होगा कि नौहट्टा नगर पंचायत प्रशासन चालकों की मांगों पर कब तक संज्ञान लेता है और क्षेत्र में इन बुनियादी सुविधाओं का निर्माण कब शुरू होता है।






