बिहार के सुपौल जिले में पुलिस ने बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे अंतरजिला गिरोह के तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पांच देसी कट्टा, एक पिस्टल, 17 जिंदा कारतूस, एक मोटरसाइकिल, हथौड़े, प्लायर कटर समेत अन्य सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से कथित तौर पर अपराधियों की योजना विफल हो गई।
पुलिस के अनुसार, जिले में सक्रिय अंतरजिला गिरोह के कुछ सदस्य किसी बड़ी आपराधिक वारदात की तैयारी कर रहे थे। इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर त्रिवेणीगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न थानों के थानाध्यक्षों को शामिल किया गया।
पुलिस टीम कई दिनों से गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान 22 अक्टूबर की रात सूचना मिली कि गिरोह के कुछ सदस्य त्रिवेणीगंज अनुमंडल क्षेत्र में एकत्रित होकर बड़ी आपराधिक घटना की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर विशेष टीम ने छापेमारी की और तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर तलाशी ली। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामान बरामद हुए।
**पूर्णिया और अररिया के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपित**
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पूर्णिया जिले के बनमनखी थाना क्षेत्र के पिपरा वार्ड संख्या 12 निवासी अजय यादव, बेला बदन वार्ड संख्या 14 निवासी फूलो ततमा और अररिया जिले के भरगामा थाना क्षेत्र के खजुरी बाजार वार्ड संख्या 7 निवासी शशि ठाकुर के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपितों ने सुपौल में बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना की जानकारी दी है। गिरोह को स्थानीय स्तर पर सहयोग मिलने की आशंका के मद्देनजर पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
**अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी**
मामले में राजेश्वरी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। साथ ही गिरोह के नेटवर्क और पूर्व की आपराधिक घटनाओं में उसकी कथित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।






