पटना के ब्रांडेड फूड आउटलेट्स में गंदगी का खुलासा, कहीं बदबूदार पनीर तो कहीं ब्रेड में मिला कीड़ा

पटना: बड़े ब्रांड का नाम, चमकदार दुकान और महंगा मेन्यू देखकर अगर आप खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर निश्चिंत हो जाते हैं, तो यह खबर आपको सतर्क कर देगी। बिहार की राजधानी पटना में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान कई ब्रांडेड फूड आउटलेट्स में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कहीं बदबूदार पनीर मिला, तो कहीं ब्रेड के पैकेट में कीड़ा पाया गया। वहीं, हाजीपुर के साहू होटल में दाल के तड़के में कॉकरोच मिलने के मामले में खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।

दरअसल, त्योहारों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने पटना के कई बड़े रेस्टोरेंट और फास्ट-फूड आउटलेट्स का निरीक्षण किया। इस दौरान रसोई की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था की जांच की गई।

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बुद्ध मार्ग स्थित एक ब्रांडेड बारबेक्यू रेस्टोरेंट में 30 किलो बदबूदार पनीर और 4 किलो चावल मिला। विभाग के अनुसार, जब्त सामग्री की कीमत करीब 11 हजार 400 रुपये थी। इसे जब्त कर नष्ट कराया गया। वहीं, वॉश एरिया में रखे 15 किलो पैक्ड चिकन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई। यहां शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ भी एक साथ रखे मिले।

फ्रेजर रोड स्थित एक अन्य आउटलेट में ब्रेड के पैकेट में कीड़ा मिला। विभाग ने फ्रोजन मीट और लाल मिर्च पाउडर के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। कंकड़बाग में एक फास्ट-फूड आउटलेट के फ्रीजर में वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थ एक साथ रखे मिले। बोरिंग कैनाल रोड पर औद्योगिक उपयोग के लिए निर्धारित 835 पीईटी गिलासों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई।

इसके अलावा बेली रोड, अनीसाबाद और आशियाना मोड़ समेत कई इलाकों में रसोई की गंदगी, खराब भंडारण व्यवस्था और शौचालय की अस्वच्छता जैसी कमियां सामने आईं। कई जगहों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए।

वहीं, हाजीपुर के साहू होटल में दाल के तड़के में कॉकरोच मिलने की शिकायत पर जांच की गई। रसोई में गंदगी और खुले में खाद्य पदार्थ रखे जाने के बाद होटल का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। बिना वैध लाइसेंस के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित पटना के प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई ने सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या महंगे मेन्यू और बड़े ब्रांड के नाम से ही खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई की गारंटी मिल जाती है?

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