बिहार की राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के साथ बदसलूकी और मारपीट की कोशिश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि पार्टी कार्यालय के बाहर मनोज भारती के साथ यह घटना हुई। मामले को लेकर मनोज भारती ने पाटलिपुत्र थाने में लिखित शिकायत भी दी है। वहीं, इस पूरे विवाद के पीछे लग्जरी गाड़ियों के किराये का बकाया बताया जा रहा है। हालांकि, करीब दो करोड़ रुपये के बकाये की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि जन सुराज पार्टी कार्यालय से बाहर निकलने के बाद मनोज भारती अपनी गाड़ी के अंदर बैठे हैं। इसी दौरान तीन लोग गाड़ी के पास पहुंच जाते हैं। इनमें गुलाबी कुर्ता और टोपी पहने एक व्यक्ति गाड़ी के अंदर घुसने की कोशिश करता दिखाई देता है। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच जाती है।
वीडियो में कुछ लोग लगातार ‘मारपीट नहीं, मारपीट नहीं’ कहकर उस व्यक्ति को रोकने की कोशिश करते नजर आते हैं। वहीं, मौके पर मौजूद लोग दीपक नाम पुकारकर उसे शांत कराने का प्रयास करते हैं। लोग समझाते हैं कि मारपीट करने से बकाया रकम नहीं मिलेगी। इस दौरान गाड़ी के अंदर बैठे मनोज भारती भी नाराज नजर आते हैं और कहते सुनाई देते हैं, ‘मारपीट करेगा… मारपीट करेगा?’ काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत होता दिखाई देता है।
पाटलिपुत्र पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो करीब 15 से 20 दिन पुराना बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विवाद जन सुराज पार्टी कार्यालय में इस्तेमाल होने वाली लग्जरी गाड़ियों के किराये के भुगतान को लेकर हुआ था। आरोप है कि लंबे समय से किराया बकाया था, जिसको लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।
इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राजद नेता राजीव रंजन ने वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान इस्तेमाल की गई गाड़ियों का करीब दो करोड़ रुपये किराया बकाया था। उन्होंने दावा किया कि वेंडर लंबे समय से अपने पैसे के लिए चक्कर लगा रहा था। वहीं, भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने भी जन सुराज पार्टी पर निशाना साधा है।
फिलहाल, इस मामले में मनोज भारती की शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई पर नजर है। वायरल वीडियो और बकाये की रकम को लेकर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में इस पूरे विवाद को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।





