
पलामू, झारखंड। बच्चों में कुपोषण की समय पर पहचान करने और उनके पोषण स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड में बाल विकास परियोजना के तहत एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। शुक्रवार को आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रखंड की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को समर एप के उपयोग, कुपोषित बच्चों की पहचान और उनकी नियमित निगरानी की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला इकाई प्रबंधक नवीन कुमार ने सेविकाओं को समर एप के विभिन्न उपयोगों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस एप के माध्यम से बच्चों में कुपोषण की पहचान करने, उनकी पोषण संबंधी स्थिति पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार उचित देखभाल सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। डिजिटल माध्यम से बच्चों की निगरानी होने से उनकी स्थिति का आकलन करने और समय पर आवश्यक कदम उठाने में भी सहूलियत होगी।
### कुपोषित बच्चों की पहचान पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान सेविकाओं को बताया गया कि बच्चों में कुपोषण की समय पर पहचान करना बेहद जरूरी है। इसके लिए नियमित निगरानी और सही जानकारी का संकलन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समर एप के प्रभावी उपयोग से कुपोषित बच्चों की स्थिति पर नजर रखने और उनके पोषण स्तर में सुधार लाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा सकता है।
जिला इकाई प्रबंधक नवीन कुमार ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करने में आंगनबाड़ी सेविकाओं की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सेविकाओं से प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी का उपयोग अपने कार्यक्षेत्र में करने और बच्चों की निगरानी को गंभीरता से लेने की अपील की।
### प्रशिक्षण में अधिकारी और सेविकाएं रहीं मौजूद
कार्यक्रम में जिला कोषांग सलाहकार तरुण गुप्ता, बाल विकास परियोजना से जुड़े दीपक कुमार और शिवम पासवान उपस्थित रहे। इसके अलावा पर्यवेक्षक ज्योति कुमारी एवं खुशबू कुमारी सहित प्रखंड की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं ने प्रशिक्षण में भाग लिया।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आंगनबाड़ी सेविकाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना और समर एप के माध्यम से बच्चों के पोषण की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है। इससे कुपोषण की समस्या से निपटने और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
संवाददाता: सत्यम शुक्ला, पलामू।





