मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी में गरीबों को मिलने वाले सरकारी राशन की कालाबाजारी की कोशिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। जिला खाद्य निगम से कथित तौर पर फर्जी तरीके से अनाज का उठाव कर उसे दूसरे स्थान पर बेचने ले जा रहे एक ट्रक को छतौनी थाना पुलिस ने जब्त किया है। ट्रक पर दो अलग-अलग नंबर प्लेट लगे हुए थे। पुलिस ने मौके से ट्रक के चालक, खलासी और एक मैनेजर को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक, अनाज की कालाबाजारी के लिए ट्रक पर आगे और पीछे अलग-अलग वाहनों के नंबर प्लेट लगाए गए थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ही ट्रक पर दो अलग-अलग नंबर प्लेट लगाकर सरकारी अनाज का उठाव किया जा रहा है। इसके बाद छतौनी थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की और संदिग्ध ट्रक को पकड़ लिया।
जब पुलिस ने ट्रक की जांच की, तो उसके नंबर प्लेट और चेसिस नंबर में अंतर सामने आया। जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली कि जिस वाहन का नंबर प्लेट इस्तेमाल किया गया था, वह पहले से ही एक दुर्घटना के मामले में जब्त है। ऐसे में फर्जी नंबर प्लेट के जरिए सरकारी व्यवस्था को चकमा देकर अनाज की खरीद-बिक्री करने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद सरकारी राशन की कालाबाजारी से जुड़े नेटवर्क पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि ट्रक मालिकों और अनाज के कारोबार से जुड़े लोगों ने फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर अनाज को दूसरे स्थान पर बेचने की योजना बनाई थी।
फिलहाल पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक, खलासी तथा मैनेजर को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि सरकारी अनाज का उठाव किसके आदेश पर किया गया था और इस पूरे मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सवाल यह है कि गरीबों के हक का राशन हड़पने की इस कोशिश के पीछे कौन-कौन लोग हैं और इस कथित सिंडिकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं? पुलिस की जांच में आगे कई अहम खुलासे हो सकते हैं।





