
गया: बिहार के गया जिले के रहने वाले 22 वर्षीय अग्निवीर जवान सुभाष कुमार चौधरी का राजस्थान के जैसलमेर में ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया। अजमेर के अस्पताल में करीब डेढ़ सप्ताह तक उनका इलाज चला, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। बुधवार को जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बांकेबाजार प्रखंड के जमवारा खुर्द पहुंचा, जहां सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
वीओ-1: तिरंगे में लिपटे बेटे का पार्थिव शरीर सामने था और पिता की आंखें अपने लाडले को निहार रही थीं। यह दृश्य देखकर गांव के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। अग्निवीर सुभाष कुमार को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे। भारत माता की जय और वीर जवान सुभाष अमर रहें के नारों के बीच सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। गया एयरपोर्ट से सेना के वाहन के जरिए पार्थिव शरीर को पैतृक गांव लाया गया। यहां ग्रामीणों और सेना के अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
वीओ-2: परिजनों के मुताबिक, सुभाष कुमार झांसी से जैसलमेर जा रहे सेना के काफिले में ड्यूटी पर थे। इसी दौरान पाइप के जरिए डीजल खींचने के क्रम में डीजल उनके मुंह के रास्ते पेट में चला गया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए अजमेर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वेंटिलेटर पर रखकर उनका उपचार किया गया। करीब डेढ़ सप्ताह तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
वीओ-3: बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता गया चौधरी ने बताया कि घटना से पहले बेटे से उनकी बात हुई थी। सुभाष ने फोन पर कहा था कि सब ठीक है और घर के लोग अपना ख्याल रखें। उसने अपनी मां से भी बात की थी। लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने की खबर आई और फिर निधन की सूचना मिली।
समापन: देश सेवा का संकल्प लेकर सेना में भर्ती हुए सुभाष कुमार के असामयिक निधन से पूरे गांव में शोक की लहर है। नम आंखों से ग्रामीणों ने वीर जवान को अंतिम विदाई दी।





