बगहा: पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में शराब तस्करी के मामले में विशेष न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने शराब बरामदगी के मामले में दोषी पाए गए गौरीशंकर राय को पांच वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इस फैसले को बिहार में लागू शराबबंदी कानून के तहत महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
विशेष न्यायाधीश (मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम) राजीव कुमार द्विवेदी की अदालत ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद यह फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक (मद्यनिषेध) अनवर हुसैन अंसारी ने सजा की जानकारी दी।
माथे पर रखे प्लास्टिक के बोरे से मिली थी 20 लीटर शराब
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला बगहा थाना कांड संख्या 244/24 से संबंधित है। इस मामले में 16 सितंबर 2024 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने गौरीशंकर राय, पिता स्वर्गीय कपिलदेव राय, निवासी सोहगी घाट, वार्ड संख्या 29, थाना बगहा, जिला पश्चिम चंपारण को अभियुक्त बनाया था।
बताया गया कि घटना के दिन गौरीशंकर राय के माथे पर रखे प्लास्टिक के बोरे की तलाशी लेने पर उसमें से 20 लीटर देशी शराब बरामद की गई थी। शराब की बरामदगी के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए प्राथमिकी दर्ज की और मामले की जांच शुरू की।
साक्ष्य और गवाहों के आधार पर सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त को दोषी करार दिया गया। इसके बाद न्यायालय ने बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2018 की धारा 30(ए) के तहत उसे पांच वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक अनवर हुसैन अंसारी ने बताया कि जुर्माना नहीं देने की स्थिति में दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
न्यायालय के इस फैसले से शराब तस्करी के मामलों में कानूनी कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है।






