भागलपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान बुजुर्ग महिला यात्री की सोने की चेन काटने के मामले में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए खगड़िया गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से धारदार ब्लेड और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी करने वाले गिरोहों पर लगाम लगाने की उम्मीद जताई जा रही है।
### बुजुर्ग महिला की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामले को लेकर रेल डीएसपी आलोक कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले भागलपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान एक बुजुर्ग महिला यात्री की सोने की चेन काटे जाने की शिकायत मिली थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस ने तत्काल मामले की जांच शुरू की। इसके लिए जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम बनाई गई, जिसने घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने की दिशा में काम किया।
### सीसीटीवी फुटेज से संदिग्धों की पहचान
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया गया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए खगड़िया गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से धारदार ब्लेड और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि, बरामद सामान और घटना में उनकी भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
### पूछताछ में जुटाई जा रही अहम जानकारी
रेल डीएसपी आलोक कुमार के मुताबिक, गिरफ्तार युवकों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस अब गिरोह की गतिविधियों, उसके अन्य सदस्यों और संभावित वारदातों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में भीड़ का फायदा उठाकर यात्रियों के कीमती सामान को निशाना बनाने की घटनाएं सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी जाती हैं। ऐसे में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि जांच के जरिए गिरोह की गतिविधियों का पता लगाकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यात्रियों से भी अपील है कि ट्रेन में चढ़ते और उतरते समय अपने सामान के प्रति सतर्क रहें।
**नोट:** गिरफ्तार आरोपियों की पहचान, बरामदगी और मामले में उनकी भूमिका से संबंधित अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच एवं कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होंगे।





