भागलपुर। जिले के सुल्तानगंज प्रखंड की नौ पंचायतों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के बाद जनजीवन प्रभावित हो गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानियों का जायजा लेने के लिए स्थानीय विधायक प्रोफेसर ललित नारायण मंडल और जिला परिषद सदस्य आशा जायसवाल ने सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया।
बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर जनप्रतिनिधियों ने जमीनी स्थिति की जानकारी ली और लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सामने आया कि बाढ़ के कारण कई पंचायतों में लोगों के सामने भोजन, पेयजल और पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है।
बताया गया कि सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित पंचायतों में आठ स्थानों पर सामुदायिक किचन तत्काल शुरू कराया गया है, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा सके। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि गनगनिया से लेकर किशनपुर पंचायत तक कुल नौ पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं, लेकिन अभी तक गनगनिया, महेशी, मोतीचक और किशनपुर पंचायत में ही सामुदायिक किचन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
अन्य बाढ़ प्रभावित पंचायतों में सामुदायिक किचन नहीं चलने के कारण लोगों को खाने-पीने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने के कारण सामान्य आवागमन प्रभावित है, जिससे जरूरत की सामग्री जुटाना भी मुश्किल हो गया है।
बाढ़ की स्थिति में सिर्फ इंसानों के सामने ही समस्या नहीं है, बल्कि पशुओं के लिए चारे की कमी भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। प्रभावित लोगों ने सरकार से जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में पशुचारा उपलब्ध कराने की मांग की है।
बाढ़ पीड़ितों ने प्रशासन और सरकार से सभी प्रभावित पंचायतों में सामुदायिक किचन शुरू कराने तथा भोजन, पेयजल, पशुचारा और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते सरकारी सहायता नहीं पहुंची तो बाढ़ की स्थिति में जनजीवन और अधिक प्रभावित हो सकता है।
इस दौरान दर्जनों बाढ़ प्रभावित ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं।





