चर्चित भरत तिवारी मामले को लेकर भाजपा सांसद मनोज तिवारी सोमवार को बिलौटी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सांसद ने कहा कि परिवार और गांव के साथ हुई दुखद घटना की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
मनोज तिवारी ने कहा कि उन्होंने पीड़ित परिवार की मांगों को गंभीरता से सुना है और उनकी बातों को एक-एक कर मुख्यमंत्री के समक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए परिवार से मुलाकात की है। सांसद के अनुसार, प्रथम दृष्टया जिन स्थानीय अधिकारियों की भूमिका सामने आई, उनके खिलाफ एफआईआर, निलंबन और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में कानून के अनुरूप दोषियों पर कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमों का मुद्दा उठा
मुलाकात के दौरान ग्रामीणों ने प्रदर्शन के दौरान दर्ज मुकदमों का मुद्दा भी सांसद के सामने उठाया। ग्रामीणों के अनुसार करीब 14 लोगों के खिलाफ नामजद और लगभग 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। इस पर मनोज तिवारी ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान लोगों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया को देखते हुए वह पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे और निर्दोष ग्रामीणों को राहत दिलाने का प्रयास करेंगे।
भाईचारा बनाए रखने की अपील
सांसद ने गांव में कथित गुटबाजी को लेकर भी चिंता जताई और ग्रामीणों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी का उद्देश्य समाज और लोगों का कल्याण था, इसलिए उनके नाम पर गांव में किसी तरह का विवाद उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी के परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
सांसद ने परिवार और ग्रामीणों से अपनी शिकायतें लिखित रूप में देने की अपील की, ताकि न्याय की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास हथियार नहीं था और उसकी जान चली गई, तो यह गंभीर अन्याय का विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
भरत तिवारी की बहन द्वारा राखी बांधकर न्याय की गुहार लगाए जाने का जिक्र करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि वह स्वयं को परिवार का सदस्य मानते हैं और हर कदम पर उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने भरत तिवारी के नाम पर स्मारक बनाए जाने की मांग पर भी सहमति जताई। हालांकि उन्होंने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता न्याय की लड़ाई है और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास जारी रहेगा।





