नेपाल से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद कोशी नदी एक बार फिर रौद्र रूप में दिखाई देने लगी है। बढ़ते जलस्तर का असर अब बिहार के सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड स्थित सत्तौर पंचायत में साफ नजर आने लगा है। पंचायत के वार्ड संख्या-8 में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदी के तेज बहाव के कारण मुख्य सड़क कटकर क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कोशी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे घरों, आंगनों और कृषि भूमि में प्रवेश कर चुका है। कई किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं, जबकि निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के सामने सुरक्षित स्थानों पर जाने की स्थिति बनती जा रही है। ग्रामीणों में जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति और भयावह हो सकती है। कई परिवारों ने आवश्यक सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। मवेशियों को भी ऊंचे स्थानों पर ले जाने की तैयारी की जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
बाढ़ के कारण सड़क टूटने से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के अस्पताल पहुंचने और दैनिक जरूरतों की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। लोगों का कहना है कि सड़क कट जाने से पंचायत का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से प्रभावित हो गया है, जिससे राहत कार्य शुरू होने में भी कठिनाई आ सकती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने, प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा टूटी सड़क की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और आवश्यक सहायता पहुंचाने की भी अपील की है।
फिलहाल जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि बाढ़ प्रभावित लोगों की उम्मीदें अब त्वरित राहत, सुरक्षित पुनर्वास और प्रभावी सरकारी सहायता पर टिकी हुई हैं।
संवाददाता: इन्द्रदेव जी, सहरसा






