धनबाद भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब देश में डिजिटल करेंसी यानी E-Rupee का उपयोग भी धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा शुरू की गई सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को आम लोगों तक पहुंचाने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी क्रम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने ग्राहकों को E-Rupee से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है।
धनबाद स्थित SBI मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक राहुल कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है और डिजिटल करेंसी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि E-Rupee एक ऐसी डिजिटल मुद्रा है जिसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया जाता है और यह पूरी तरह नकदी की तरह कार्य करती है, लेकिन इसका स्वरूप डिजिटल होता है।
राहुल कुमार ने कहा कि ग्राहक अपने मोबाइल फोन में उपलब्ध E-Rupee वॉलेट के माध्यम से डिजिटल करेंसी को सुरक्षित रख सकते हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर किसी भी व्यक्ति को तुरंत भुगतान कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली सुरक्षित, सरल और तेज़ है, जिससे लेन-देन की प्रक्रिया और अधिक सुविधाजनक बन जाती है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक डिजिटल भुगतान प्रणालियों की तुलना में E-Rupee में गोपनीयता का स्तर अधिक होता है। इसके माध्यम से नकदी रखने की आवश्यकता कम होती है और छोटे-बड़े सभी प्रकार के भुगतान कुछ ही सेकंड में पूरे किए जा सकते हैं। साथ ही नकली नोटों की समस्या भी समाप्त हो जाती है और भुगतान प्रणाली अधिक पारदर्शी बनती है।
मुख्य प्रबंधक ने लोगों से अपील की कि वे डिजिटल करेंसी के बारे में जानकारी प्राप्त करें और बैंक की सहायता से E-Rupee वॉलेट का उपयोग शुरू करें। उनका मानना है कि आने वाले समय में E-Rupee भारत की भुगतान प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा। सरकार और रिजर्व बैंक की पहल से आम लोगों में डिजिटल करेंसी के प्रति जागरूकता और रुचि लगातार बढ़ रही है, जिससे देश के डिजिटल वित्तीय ढांचे को नई मजबूती मिल रही है।
संवाददाता : नीतीश कुमार धनबाद ब्यूरो





