बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कुख्यात लैंड माफिया संजय कुमार उर्फ संतोष कुमार यादव उर्फ संतोष डॉन के अपराध साम्राज्य पर बड़ा प्रहार किया है। पटना, नालंदा और वैशाली समेत 25 अलग-अलग ठिकानों पर की गई छापेमारी में करोड़ों रुपये की संपत्ति, नकदी, लग्जरी वाहन और जमीन से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि संतोष डॉन जमीन कब्जाने के लिए सुनियोजित तरीके से जमीन मालिकों को निशाना बनाता था। उसके गुर्गे पहले जमीन मालिकों का सड़क हादसा करवाते थे और फिर डर व दहशत का माहौल बनाकर उन्हें जान से मारने की धमकी देते थे। भयभीत परिवार अपनी कीमती जमीनें बेहद कम कीमत पर उसके नाम करने को मजबूर हो जाते थे।
EOU के अनुसार वर्ष 2015 से पहले संतोष डॉन के पास केवल 7 कट्ठा पैतृक जमीन थी, लेकिन अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद उसने रंगदारी, फर्जीवाड़ा, लूट और अवैध जमीन कब्जाने के जरिए करीब 11 करोड़ 50 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित कर ली। उसने अपनी अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्तियां अपनी मां, पत्नी, सास, भाई, भाभी और गिरोह के सदस्यों के नाम पर रजिस्टर्ड करवाई थीं।
छापेमारी के दौरान 25 लाख रुपये से अधिक नकद राशि, एक फॉर्च्यूनर, स्कॉर्पियो और महिंद्रा जीप समेत कई वाहन जब्त किए गए। साथ ही बड़ी संख्या में जमीन के मूल कागजात और आपसी समझौते से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
संतोष डॉन के खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट, जालसाजी और आर्म्स एक्ट समेत कुल 30 संगीन मामले दर्ज हैं। कार्रवाई के दौरान गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया है।
EOU अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की राज्य सरकार की मुहिम के तहत यह कार्रवाई की गई है। संतोष डॉन और उसके गिरोह के 26 सदस्यों के खिलाफ नए मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।





