राजधानी पटना में बदलते मौसम का असर असर यहां की विमानन सेवाओं पर भी पड़ा। करीब आधा दर्जन विमान लेट रहे। वहीं,एयर टर्बुलेंस में फंसने के कारण सबसे बड़ी मुसीबत एयर इंडिया की विमान संख्या एआई 407 में यात्रियों को झेलनी पड़ी। पटना एयरपोर्ट पर उतरने से 20 मिनट पहले काफी ऊंचाई पर यह विमान तेजी से हवा में हिलने लगा। इससे यात्री भयभीत हो गए। इस विमान में क्रू सदस्यों के साथ 122 यात्री सवार थे। कई यात्रियों ने विमान के भीतर चीखना तक शुरू कर दिया। जिसके बाद क्रू मेंबर ने किसी तरह इन लोगों को शांत करवाया।

दरअसल, विमान हैवी एयर टर्बुलैंस में फंस गया था। विमान में सफर कर रहे यात्री ने बताया कि वे पत्नी और बेटी के साथ पेरिस से पटना वाया दिल्ली लौट रहे थे। पटना में उतरने से पहले भारी टर्बुलैंस की स्थिति बनी। कई यात्री चीखने लगे। पायलट ने थोड़ी देर बाद विमान के एयर टर्बुलैंस की स्थिति बनने की जानकारी दी। सबसे पहले पायलट ने विमान को नियंत्रित किया और लैंडिंग थोड़ी देर बाद करने का निर्णय लिया। लैंडिंग के लिए अनुकूल स्थिति बनने के बाद विमान को पटना एयरपोर्ट के रनवे पर उतारा गया। पटना एयरपोर्ट पर सकुशल लैंडिंग के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।

वहीं, इससे पहले 20 सितंबर को पटना एयरपोर्ट पर एआई 415 दिल्ली पटना फ्लाइट की दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल बाल बची थी। विमान के रनवे पर हार्ड लैंडिंग की वजह से एक यात्री को काफी चोट आई थी। घटना के बाद शौचालय के दरवाजे में दरार आ गई। तब भी वजह अचानक मौसम के मिजाज में आया बदलाव बताया गया था।

विमान के उड़ते समय जब उसके पंखों से हवा जब अनियंत्रित होकर टकराती है तो विमान में एयर टर्बुलेंस उत्पन्न होता है। इससे विमान ऊपर-नीचे होने लगता है और यात्रियों को झटके लगने शुरू हो जाते हैं। जानकार बताते हैं कि उड़ते हुए विमानों को कम के कम सात तरह के टर्बुलेंस का सामना करना पड़ता है। टर्बुलेंस मौसम से जुड़ा भी हो सकता है। आसमान में बिजली कड़कने और भारी बादल होने के समय विमान में टर्बुलेंस पैदा होता है।

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