देश के कई हिस्सों में तेज होती गर्मी और लू के प्रकोप के बीच भारत में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बना लिया है। शुक्रवार को देश की पीक बिजली मांग 252.07 गीगावॉट (GW) तक पहुंच गई, जो अब तक के उच्चतम स्तरों में से एक है। यह बढ़ोतरी साफ तौर पर दिखाती है कि बढ़ते तापमान के साथ बिजली की खपत तेजी से बढ़ रही है।
ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, यह उछाल ऐसे समय में आया है जब मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में लगातार लू चलने की चेतावनी दी है। विभाग ने मई और जून के महीनों में और भी अधिक भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है, जिससे बिजली की मांग और बढ़ने की संभावना है।
पिछले कुछ दिनों के आंकड़े भी इस बढ़ते ट्रेंड की पुष्टि करते हैं। गुरुवार को बिजली की पीक मांग करीब 240 गीगावॉट थी, जबकि बुधवार को यह 239.70 गीगावॉट दर्ज की गई थी। यानी सिर्फ एक दिन में मांग में बड़ा उछाल देखने को मिला।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तेजी के पीछे मुख्य वजह कूलिंग उपकरणों का बढ़ता इस्तेमाल है। घरों में एयर कंडीशनर, कूलर और फ्रिज का उपयोग बढ़ गया है, वहीं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी बिजली की खपत काफी बढ़ी है। लू के दौरान ठंडक बनाए रखने की जरूरत सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आती है।
सरकार ने पहले ही अनुमान लगाया था कि इस गर्मी में बिजली की मांग 270 गीगावॉट तक पहुंच सकती है। मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि देश इस अनुमान के करीब तेजी से बढ़ रहा है। यह पिछले साल जून में दर्ज 242.77 गीगावॉट की मांग को भी पार कर चुका है।
स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार निगरानी बनाए हुए है और राज्यों को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग और दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
