राहुल गांधी के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है. मामला तमिलनाडु में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है. आरोप है कि राहुल गांधी ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री Nitesh kumar को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे उनकी छवि धूमिल हुई और समर्थकों की भावनाएं आहत हुईं.

जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता अंबरीश कुमार सिन्हा ने यह नालिशी वाद दायर किया है. याचिका में कहा गया है कि 21 अप्रैल 2026 को तमिलनाडु के Thoothukdi में आयोजित चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी ने नीतीश कुमार को ‘भ्रष्टाचारी’ और ‘कंपरोमाइज करने वाला नेता’ बताया था. परिवादकर्ता का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा और सार्वजनिक शिष्टाचार के खिलाफ है.

याचिका में दावा किया गया है कि राहुल गांधी के बयान से केवल नीतीश कुमार की प्रतिष्ठा को नुकसान नहीं पहुंचा, बल्कि जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाएं भी आहत हुई हैं. इसे मानहानि और राजनीतिक गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया गया है.

यह मामला नालिशी वाद संख्या 2213/2026 के रूप में कोर्ट में दर्ज किया गया है. अधिवक्ता ने संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां भी अदालत में जमा कराई हैं. अर्जी में यह भी उल्लेख किया गया है कि राहुल गांधी के खिलाफ देश के विभिन्न न्यायालयों में पहले से कई मानहानि मामले लंबित हैं.

परिवादकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं को संयमित और जिम्मेदार भाषा का प्रयोग करना चाहिए. उनका तर्क है कि वरिष्ठ नेताओं के विवादित बयान समाज में गलत संदेश देते हैं.

सीजेएम कोर्ट ने मामले को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 15 मई 2026 तय की है. इस दौरान अदालत यह तय करेगी कि आगे कानूनी कार्रवाई किस रूप में होगी. इस घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी और कानूनी लड़ाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

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